All you need to know about increased maternity leave

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Information about All you need to know about increased maternity leave

Published on August 31, 2016

Author: rsjlexsys

Source: slideshare.net

1. मातृत्व अवकाश का बढ़ना ककतना फायदेमंद? नईददल्लीः कें द्र सरकार ने अभी हाल में ही मातृत्व संशोधन ववधेयक को मंजूरी दी है, जजसमें गभभवती महहलाओं को 12 सप्ताह की जगह अब 26 सप्ताह का अवकाश देने का प्रावधान होगा. लघु एवं मझोले उद्योग जगत से जुडे लोगों का कहना है कक इस प्रावधान से महहला कमभचाररयों को रोजगार संबंधी मुजककलों का सामना करना पड सकता है. प्रस्ताववत संशोधन से एक बडा प्रकन यह उठता है कक क्या यह संशोधन वास्तव में महहला कमभचाररयों के हहत में है या इससे शादीशुदा महहला कमभचाररयों की ननयुजक्त प्रनतबंधधत हो जाएगी? सीआईआई इंडियन वुमन नेटवकभ (आईिब्ल्यूएन) की सवे ररपोटभ, ‘दूसरी पारी’ के अनुसार, 37 प्रनतशत महहलाओं को मातृत्व व बच्चों की देखरेख के कारण अपनी नौकरी बीच में ही छोडनी पडती है. वतभमान प्रसूनत सुववधा अधधननयम, 1961 में महहलाओं को 12 सप्ताह का मातृत्व लाभ हदया जाता है, जजसके जररये ननयोक्ता द्वारा प्रसूनत महहला को अवकाश अवधध के ललए पूरे वेतन का भुगतान ककया जाएगा. हालांकक, नवीनतम प्रस्ताववत प्रसूनत सुववधा संशोधन ववधेयक 2016 में मौजूद 12 सप्ताह की अवकाश अवधध को 26 सप्ताह बढाने और मातृत्व लाभ अवधध समाप्त

2. होने के बाद महहला को घर से काम करने का ववक्प देने का प्रस्ताव है. 50 से अधधक कमभचाररयों वाली कम्पननयों में लशशुगृह (क्रे च) स्थावपत करने का भी प्रावधान है. वर्भ 2011 की जनगणना के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में महहला बेरोजगारी दर 6.6 जबकक पुरुर् बेरोजगारी दर 3.2 है. इसी तरह, ग्रामीण क्षेत्रों में महहला बेरोजगारी दर 2.9 जबकक पुरुर् बेरोजगारी दर 2.1 है. यह जस्थनत अधधक भयानक हो सकती है, क्योंकक लघु व मध्यम आकार की संस्थाएं, अनतररक्त लाभ के भुगतान से संबंधधत अनतररक्त लागत के प्रस्ताव से ननराश हैं. अनुपम लसंक्स प्राइवेट लललमटेि के ननदेशक राजेंद्र गगभ ने कहा, “हालांकक हम अपनी महहला कमभचाररयों को यथासंभव बेहतरीन सुववधाएं प्रदान कर रहे हैं, लेककन बहुत कम बजट वाली लघु संस्थाओं के ललए लशशुगृह की स्थापना और पूणभ भुगतानयुक्त 26 सप्ताह का अवकाश का अनुसरण करना बहुत मुजककल होगा, क्यांेेकक इस संशोधन से संस्थागत लागत में वृद्धध होगी और कारोबार को जारी रखने के ललए एक अनतररक्त कमभचाररयों को ननयुक्त करना आवकयक होता है.” वपछली जनगणना ररपोटभ 2011 के अनुसार, भारत में महहलाओं की कु ल कायभबल भागीदारी दर 25.51 प्रनतशत है जबकक पुरुर्ों की भागीदारी 53.26 प्रनतशत है. जहां तक बात शहरी क्षेत्रों की है तो महहलाओं की भागीदारी दर 14.7 प्रनतशत है जबकक पुरुर् कायभबल भागीदारी 54.4 प्रनतशत है. हालांकक ग्रामीण क्षेत्रों में महहला कायभबल भागीदारी दर 24.8 है जबकक पुरुर्ों की भागीदारी 54.3 प्रनतशत है. संगहठत क्षेत्र में महहला रोजगार लसर्भ 20.5 प्रनतशत है, जबकक सावभजननक क्षेत्र में 18.1 प्रनतशत और ननजी क्षेत्र में 24.3 प्रनतशत है. ये आंकडे भारत में महहला रोजगार की छवव को प्रस्तुत करने के ललए पयाभप्त हैं. के एनजी एग्रो के ननदेशक लसद्धाथभ गोयल ने कहा, “हम महहला कमभचाररयों को ननयुक्त करने के पक्ष में हैं, लेककन लघु व मध्यम आकार के उद्योग के ललए इन सभी सुववधाओं को प्रस्तुत करने में व्यय व व्यावहाररक परेशानी बढने के कारण इन संशोधधत अनतररक्त लाभ से सूक्ष्म, लघु व मध्यम संस्थाओं में शादीशुदा महहलाओं की ननयुजक्त प्रभाववत हो सकती है.” हद्ली उच्च न्यायालय के अधधवक्ता कु णाल मदान ने कहा कक इस अधधननयम के अंतगभत महहलाओं को मातृत्व लाभ से बखाभस्तगी या सेवामुजक्त की जाती है, तो ननयोक्ता को एक वर्भ का

3. कारावास और 5,000 रुपये जुमाभना हो सकता है. न्यूनतम सजा क्रमश: तीन माह कारावास और 2,000 रुपये जुमाभना होगा. आरएसजे लेजक्सस के ननदेशक गौरव जैन ने कहा, “इससे गभभवती महहलाओं को रोजगार संबंधी परेशानी आएगी, क्योंकक कोई भी ननयोक्ता ककसी भी प्रसव या गभभपात या धचककत्सीय गभाभवस्था समापन हदन से छह सप्ताह की अवधध वाली ककसी भी महहला के बारे में जानकर उसे ननयुक्त नहीं करेगा.”

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